If we Manage self and the situation with right Direction than we will benefit society. for this each one of the society is responsible and the right knowledge from right people & from experience people can give more benefit so it is a need everyone in society should attend the disaster management training and realize the self importance that every one can do same and handle the situation in a good direction.
RJ Ramesh @RadioMadhuban | Inspiring Stories, Interviews & Ghazal Sessions Explore the inspiring journey of RJ Ramesh, the soulful voice behind Radio Madhuban 90.4 FM. Dive into heart-touching interviews, musical evenings, and stories from shows like 'Baatein Mulakatein' and 'Rubaroo'.
Wednesday, February 27, 2013
"Disaster Management Work Shop"
Monday, February 25, 2013
" संसार में अड़चन और परेशानी "
" संसार में अड़चन और परेशानी "
ज़िन्दगी में कोई भी ये नहीं चाहता की उसके पास अड़चन या परेशानी कभी आये पर ज़िन्दगी की रहा ही कुछ ऐसा है की ये बिना अड़चन या परेशानी की कोई रास्ता बनता ही नहीं ज़िन्दगी की रेखा ही कुछ टेढ़ा मेधा है और उसके बाद कुछ सीधा और फिर कुछ ऊपर निचे भी है प्रकृति का नियम ही कुछ ऐसा है
ज़िन्दगी में सुख और दुःख दोनों है
जैसे मीठे के साथ नमकिन जरुरी है
इस लिए किसी ने कहा है कभी दुःख है तो कभी सुख है
मेरे कायल से सुख के साथ दुःख का होना भी लाज़मी है दुःख बड़े काम की चीज है ज़िन्दगी में अगर दुःख न हो तो कोई प्रभु को याद ही न करे
Balsamelan
Sunday, February 24, 2013
Abu Road village child
Saturday, February 23, 2013
संत को गाय जैसा होना चाहिए
" संत को गाय जैसा होना चाहिए "
संत का जीवन को गाय के जीवन से अगर हम तुलना करते है तो कुछ समानता नज़र आता है वो ये है की गाय घास खाती है और दूध देती है जिससे हमे मक्खन और घी मिलता है और गाय का गोबर भी हमारे कितना काम आता है जो खाद के काम आती है और हमें सात्विक अन्न भी मिलता है .......देखा जय तो गाय हम से लेती बहुत कम और देती बहुत बहुत है….
गाय की बात छोड़ अगर हम किसी बलशाली जानवर की बात करे तो जैसे हाथी,हाथी देखने में भी बड़ा और खाना भी उसका बड़ा ताकतवर है गन्ना गुड और हरी सब्जीया अदि अदि पर देता कुछ भी नहीं ........
अब आप सोच रहे होंगे की हाथी और गाय की बात करके हम आपको क्या बता रहे है ......वाही हम संत की बात पर आ रहे है ..संत याने एक सच्चा संत का जीवन भी गाय सामान ही होता है वो संसार से लेते बहुत कम और देते बहुत है जैसे अंगुली भर लेते और दरिया भर लौटा देते है ...वाल्मीकि की कहानी .......
एक आम इंसान को जीवन जीने की सची रह बताना और शुभ कार्य उससे करना ये एक सच्चे संत की कला
ही है .....इस लिए किसीने कहा है संत का जीवन गाय जैसा होना चाहिए अगर संत का जीवन गाय जैसा नहीं है तो वह सच्चा संत नहीं है .........
संत का जीवन को गाय के जीवन से अगर हम तुलना करते है तो कुछ समानता नज़र आता है वो ये है की गाय घास खाती है और दूध देती है जिससे हमे मक्खन और घी मिलता है और गाय का गोबर भी हमारे कितना काम आता है जो खाद के काम आती है और हमें सात्विक अन्न भी मिलता है .......देखा जय तो गाय हम से लेती बहुत कम और देती बहुत बहुत है….
गाय की बात छोड़ अगर हम किसी बलशाली जानवर की बात करे तो जैसे हाथी,हाथी देखने में भी बड़ा और खाना भी उसका बड़ा ताकतवर है गन्ना गुड और हरी सब्जीया अदि अदि पर देता कुछ भी नहीं ........
अब आप सोच रहे होंगे की हाथी और गाय की बात करके हम आपको क्या बता रहे है ......वाही हम संत की बात पर आ रहे है ..संत याने एक सच्चा संत का जीवन भी गाय सामान ही होता है वो संसार से लेते बहुत कम और देते बहुत है जैसे अंगुली भर लेते और दरिया भर लौटा देते है ...वाल्मीकि की कहानी .......
एक आम इंसान को जीवन जीने की सची रह बताना और शुभ कार्य उससे करना ये एक सच्चे संत की कला
ही है .....इस लिए किसीने कहा है संत का जीवन गाय जैसा होना चाहिए अगर संत का जीवन गाय जैसा नहीं है तो वह सच्चा संत नहीं है .........
Bhagya Aur Kismat
आज सब सोचते है की लक्ष्मी घर में हो तो सुख जीवन में होगा और इसी विचार को पकड़कर दिन सुरु करते है जब की सुख का रास्ता ही कुछ और है सुख के लिए ज्ञान और एक सही समझ की जरुरत है इस संसार को और इस के नियम को समझ ले तो जीवन सुखमय बन जायेंगा एक छोटा उदहारण से समझ ले तो पैसा से सुख नहीं पर सुख के साधन खरीद सकते है और सुख के साधन भी सदा काल का सुख नहीं दे सकता और ये भी देखा है की साधन के और ही हम गुलाम बन जाते है जब हम कोई चीज खरीद लेते है तो उस् का ध्यान रखते है याने पैसे से खरीदो और फिर उसकी देख रेख करो याने आमिर बनो और अमीरी की गुलमी करो .....वा रे किस्मत ..एक राज की बात है किस्मत का सही अर्थ ये है ...
किस+ मत याने किसके मत पर चलो तो सुख मिलेंगा ये बहुत अहम् बात है अपना किस्मत बनाना है तो सुना है इश्वर की मत सर्व का कल्याण करी है ...ये हमने सुना है और इश्वर ही सर्व का सद्गति दाता है, मानुष तो दुर्गति दाता है इस लिए इश्वर की ही मत पर चलो तो किस्मत सवार जाएँगी ...
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