Wednesday, March 6, 2013

Golden festival at Delhi

देल्ही का गोल्डन फेस्टिवल सेलिब्रेशन सुरु हो गया है २ मार्च १३  से १० मार्च १३ तक . देल्ही का ये गोल्डन फेस्टिवल मिनी कुम्भ मेल है जिसमे आप शिव से निकलते गंगा का दृश और गंगा नहाते हुवे कुछ भक्त और आगे एक पारवती देवी की मंदिर है जिसका आप दर्शन कर सकते है और बड़े स्क्रीन पर फ्लिम देख सकते है









और  १२ ज्योथिलिंगम का दर्शन भी कर सकते है और बहुत ही सुंदर प्लेनेटोरियम का स्टॉल है जहा आप आकाश तारामंडल और ग्रह का दर्शन भी कर सकते है और साथ ही विबिन स्टॉल लगे है जहा अलग अलग ज्ञान बिंदु पर विशेष प्रदर्शन और समझ दिया जा रहा है जैसे की इश्वर एक है ,पूज्य और पुजारी ,परियावारण शुरक्षा , पतित पवन कौन ,राजयोग ....और साथ में राजयोग शिबिर जिस से आप को मन की शक्ति और ताजगी मिल सके और विशाल सभा का आयोजन भी है जिस में विशेष वक्ता के द्वारा ज्ञान का भंडार दिया जाता है और वो भी अलग अलग विषय पर और पूरा पंडाल बहुत ही सुंदर सजाया गया है ......तो भाई आप बस पढ़ते रहेंगे या जाने की तयारी भी करेंगे ये तो आप पर है पर मेरा काम तो सिरिफ बताना था ........

Saturday, March 2, 2013

" परम सुख का अनुभव "

परम सुख का अनुभव 
परम सुख  भाग्या  से भी प्राप्त होता है और समझ से भी अब भाग्य की बात छोड़ कर अगर हमे परम सुख का अनुभव करना है तो समझ से काम लेना होगा  कारन ये है की भाग्य तो  सब का एक जैसा नहीं है और उसके लिए पुण्य का खता भरपूर चाहिए लेकिन समझ से तो सब प्राप्त कर सकते है और समझ की बात करे तो बहुत ही सिंपल है पर उसका अभ्यास चाहिए जैसे  अप स्कूल गए तो बहुत दिनों तक गए तब जाकर आपको  ये पढ़ मिला वैसे ही एक गहरी अद्यात्मिक  चिंतन ही आपको परम सुख दे सकता है वो ये है 
 """   आप  कभी परमात्मा और अपनी मौत को न भूले  दूसरा आप ने अगर किसी का भला किया है तो तुरंत भूल जाएये  और कभी आप को किसी दे दुःख या धोखा दिया हो तो उन्हें भी भूल जाएये  "   
और येही परम सुख का मंत्र है  परम सुख का सही अर्थ है सुख दुःख से परे होना ,अच्छा और बुरा से परे होना 
जीवन और मूर्त  से परे होना ..................

Friday, March 1, 2013

Khel Zindagi ka

एक पुरानी कहावत है  "पड़ेंगे लिकेंगे तो बनेंगे नवाब खेलेंगे कूदेंगे तो होंगे ख़राब" लेकिन आज ये कहावत स्रिफ़ कहावत बन गया है कुछ लोग ही नहीं सारी दुनिया ही आज खेल के बारे में उनका रुख बदल गया है आज राजस्थान के वन वाशी गाँव में रहने वाला लड़का मात्र ५ वी कक्षा पास ओलंपिक खेलने गया ........और अच्छा नाम भी किया है और समाज में उसका मान सामान भी होता है की हमरे गाँव का लड़का ओलंपिक में जाकर आया है मुझे लगता है आज कहावत में परिवर्तन करना है नियम और सयम मानव जीवन की शोभा है बस चाहे खेल में हो या पढाई में सब जगह आपकी खुद की लगन ही काम करता है किसी भी दिशा में आप जय बस पुरे दिल से करो अच्छा मेहनत करो तो आप कामियाब होंगे ....... "पढेंगे लिकेंगे तो बनेंगे नवाब और अच्छा  खेलेंगे कूदेंगे तो भी बनंगे नवाब "

भले लड़ना झगड़ना पर................

भले लड़ना झगड़ना पर
कभी अपने देखा है बच्चे को गॊर  से उनकी एक आदत है वो आपस में लड़ते झगड़ते और कभी पीट जाते है लेकिन वो जल्दी मिल जाते है भूल जाते है और साथ में मिलकर आपस में खेलते रहते है 
बड़ो में भी ये बाते होती है पर बच्चो में और बड़ो में अंतर है बच्चे भूल जाते है और बड़े याद रखते है और याद रखने से वैर बनता है और वैर से दुसमनी बढती है और दूरिय बढाती है अगर हम बच्चो से ये बात सिख ले की लड़े झगड़े और हो सके तो एक दो को पीट भी दे पर वैर नहीं रक्खे याद रक्खे बस दुसरे ही पल  भूल जय 
तो  बहुत बड़ी हम काम कर जायेंगे गुस्सा तो बच्चे भी करते है पर वो पलते नहीं इस लिए हमे भी गुस्सा आये तो करे पर उसका पालन न हो बस भूल जय और बातचीत करे आपस में अगर अप गुस्सा करके बातचित बंद करते हो तो बहुत नुकशान हो जाता है कुछ भी हो बातचीत करे और गुस्सा को भूल जय मुझे लगता है हम सब जल्दी बड़े तो हो गए लेकिन बच्चा बनाना बकी है कितना अच्छा होग अगर सब बच्चे बन जय मेरा मतलब बच्चो जैसा लदे झगड़े पर बातचीत करे और प्यार से रहे ..........

 

Thursday, February 28, 2013

Swarg meri Mutti mei ho

Hum sochte hai ki swarg hamare mutti  mei ho Aur isi Baat ko ek Admi ne Mahan sant se pucha ki swarg meri mutti mei ho iske liye mei kya karu?
sant ne kaha-kuch maat karosrif dhyan rakko
admi ne pucha kaisa dhyan rakkna hai?
sant ne kaha-bas itana hi karo 1.dimag ko thanda rakkho 2.jeb ko garam rakkho 3.Ankho mei sharam rakkho 4.juban ko naram rakkho aur 5.dil mei raham rakkho.
agar aisa kar sako to phir tumhe kisi swarg tak jaane ki jarurat nahi hai swarg khud tum tak chalkar aayega
aur badi baat to ye hai ki hum swarg to chahate hai par swargvasi banna nahi chahate hai.
admi sant ki baat sun kar samjh gaya ki swarg kaise mutti mei hoga..aur mujhe lagta hai ap bhi samjh gaye honge...................Happy Golden Day.

Wednesday, February 27, 2013

Disaster Management Work Shop Part-2

If we Manage self and the situation with right Direction than we will benefit society. for this each one of the society is responsible and the right knowledge from right people & from experience people can give more benefit so it is a need everyone in society should attend the disaster management training and realize the self importance that every one can do same and handle the situation in a good direction.

"Disaster Management Work Shop"

Disaster Means not only the huge Problem of flood heavy Rain or Fire to a Tower...but any short things which make people loss in any way is a Disaster..so it our prime priority to make the peoples life comfort were as in city or it may in village even a simple thing when anyone gets attack or injure or a child needs polio dose or a family needs food when me start to help people in this small need and when we fulfill this daily need of humanity than it is easy to go to solve big problem the unity makes very easy to solve the disaster because in disaster a community, communication and connection helps to give instant relief ...inform  this people first police, hospital, fire van, electricity board. if need of specialized persons such as boatman, N.G.o. etc.....But a Attention & Alert & First priority is most valuable. inform every one and start doing yourself which u can do no waiting.