Wednesday, April 3, 2013

Dil se Dilaram ko Yaad Karo to duvaye milti rahengi

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शीतलाष्टमी

                 

                    शीतलाष्टमी          

 

 

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर शीतला को माता माई 
  • (चेचक की देवी) कहा जाता है।
  • शीतला पूजा की जाती है।
  • रात-दिन आठ घृत दीपों से पूजा तथा गाय के दूध एवं उशीर (एक प्रकार की सुगन्धित जड़, खस) से सुगन्धित जल छिड़कना, गदहा, झाड़ु एवं सूप का पृथक-पृथक दान दिया जाता है।
  • गदहा शीतला का वाहन है।
  • शीतला देवी को इस तरह  दर्शायी गयी हैं, उनके हाथ में झाड़ु एवं घट तथा सिर पर सूप रहता है।

नोट ----- (गदहा का वाहन  इस का ये अर्थ है की अगर आप समझदार है तो किसीका
                                         भी सहारा लेकर अपने लक्ष की ओर बढ  सकते हो ......... )

Tuesday, April 2, 2013

क्रोध का रूप


 















क्रोध का रूप 


क्रोध का अपना पूरा खानदान है क्रोध का परिवार बहुत अरूप है वो दिखाई नहीं देता पर सब  मालूम हो 
जाता है इस के लिए समझ चाहिए ...  अब देखिये ...
क्रोध की एक लाड़ली बहन है- जिद ..वह हमेशा क्रोध के साथ-साथ रहती है .
क्रोध की पत्नी है -हिंसा ..वह छिपी रहती है 
लेकिन कभी -कभी आवाज़ सुनकर के बाहर आ जाती है 
क्रोध के बड़े भाई का नाम है - अहंकार और ..
क्रोध का बाप भी है , जिससे वह डरता है उसका नाम है - भय 
निंदा और चुगली क्रोध की बेटियाँ है .....
एक मुह के पास रहेगी तो दूसरी कान के पास और 
वैर बेटा है  .. ईर्ष्य इस खानदान की नकचढ़ी बहु है ...
इस परिवार में पोता है घृणा .... 
 घृणा हमेशा नाक  के पास रहती है नाक - भो सिकोड़ना काम है इसका 

  और अपेक्षा क्रोध की माँ है…

Monday, April 1, 2013

पसीना बहाना सीखिए

पसीना बहाना  सीखिए 

पसीना बहाना  सीखिए
बिना पसीना बहाए जो हासिल होता है , वह पाप की कमाई है 
मेहनत बिगर  मत खाइए वो  पाप की कमाई है 
क्यू की इस में पसीना नहीं बहाना पड़ता  लेकिन 
हम बड़े चतुर लोग है , आज हमने प्याज खाना तो छोड़ दिया लेकिन ब्याज खाना जरी है 
ऐसे पैसे कोई काम का नहीं है 
पसीने की रोटी खाइए पाप की कमाई से आप 
पत्नी को सोने का कंगन तो पहना सकते है 
मगर यह भी संभव है कि इसके लिए आपको लोहे 
की हथकड़िय पहननी पड़ जाए .
इस लिए एक बार विचार कर अपने को टटोलिये और 
देखिये कही कुछ गड़बड़  तो नहीं  है 
थोडा पसीना जरुर बहाइए 
मन और तन को सुकुन मिलेंगा .. 

Sunday, March 31, 2013

" सर्वा सिक्षा अभियान सिरोही "

३० मार्च २०१३ सर्वा सिक्षा अभियान सिरोही के अंतर्गत ज़िल्ला के पाँचो ब्लॉक के महिला अध्यापिका का एक विशेष कार्यक्रम
का आयोजन किया गया शांतिवान के परिसर मे रेडियो मधुबन के सहयोग से सुबह ११ बजे से शाम ४.३० तक ये कार्यक्रम
हुवा मंच का सुरुवत सवगत सत्कार और सरस्वती वंदना से किया गया.
 बालिका शिक्षा को बढ़ाव के लिया इस मंच का आयोजन किया गया  मंच का सुरुवत सवगत सत्कार और सरस्वती वंदना से किया गया
 जिस मे राजयोगिनी सीलू दीदी के द्वारा नारी सशक्तिकारण पर ज़ोर दिया गया और बी. के. भोपालभाईजी के द्वारा संस्थान का परिचय दिया गया . और मंच पर विशेष ज़िला सिरोही के अधिकारी सैयद अली सैयद ज़िल्ला परियोजना अधिकारी कांतिला कात्री और पूनम सिंगजी, बुरारामजी, क्रांति रात्ोड़,पूर्णिमा पटेल, मानरम कोली,कमलेश ओझा के साथ २०० महिला अध्यापिकावो ने हिस्सा लिया और सभी ने अपने अपने समता अनुसार कार्यक्रम मे भाग लिया और बालिका सिक्षा पर ज़ोर दिया जिस का रेकॉर्डिंग भी किया गया रेडियो मधुबन की और से विशेष प्रसारण के लिए और इन सब के बीच रेडियो मधुबन का विशेष भूमिका रहा आबू रोड और पिंडवाडा ब्लॉक के लिए रेडियो के द्वारा विशेष कार्यक्रम बच्चो के लिए प्रसारण किया जाएगा जिसका इस मंच के द्वारा ही बताया गया और इसकी सिकृति के लिए रेडियो मधुबन द्वारा पत्र भी सर्वा सिक्षा अभियान को दिया गया और महिला अध्यापिका पाँचो ब्लॉक की अपनी अपनी साल भर के कार्यक्रम का विशेष उल्लेक मंच के द्वारा किया और अंत मे सभी अधिकारी भी अपना विचार व्यक्त किए ...

कांतिलाल कात्री - परियोजना अधिकारी सिरोही ने कहा की रेडियो मधुबन के सहयोग के बिना ये कार्यक्रम संभव नही होता इस लिए मे रेडियो मधुबन के टीम को बहुत धन्यवाद करता हू और जैसे उन्होने रेडियो पर बच्चो के लिए कार्यक्रम प्रसरण करते है ये एक नया और आधुनिक कदम होगा जिस से अध्यापक और बच्चो को बहुत लाभ मिलेगा और एक सकरात्मक बदलाव आएगा.

सैयद अली सैयद - ज़िला सिरोही के अधिकारी ने कहा ये बहुत ही अच्छा मंच है जहा पाँच ब्लॉक की महिला अध्यापिका एक साथ मिलकर कार्यशाला कर रही है एक दूसरे से मिलने से अनुभव बढ़ता है और नया नया सिख भी मिलता है और मुझे आशा है की आप लोग यहा से जाने के बाद बालिकावो को सिक्षा से जोड़ने का कार्य तो करेंगे ही और ये भी देखेंगे की जो बालिकाए अभी पढ़ रही है वो आगे भी पढ़े .........

क्रांति रात्ोड़ - अध्यापिका सहयोजिका आबू रोड मुँगतला - अंत मे कहा की अध्यापीकाओ को आज़ाद मंच चाहिए जिस मे वो अपनी बात को रख सखे और अपने बाल पर नया करके दिखा सखे ...... और साथ मे कार्यक्रम के आयोजन के लिए कहा  राज्य मे इस तरह का कार्यक्रम और आयोजन पहली बार इतना अछा विशेष भोजन के साथ और विधि पूर्वक हुवा थॅंक्स रेडियो मधुबन को.

इस कार्यशाला का अंत गीत के द्वारा किया गया सब के चहरे पर एक खुशी थी.






Friday, March 29, 2013

आंख और जुबान

आंख  और  जुबान 

मनुष्य जीवन में बदलाव एक नया पण लता है और सुना भी है परिवर्तन संसार का नियम है 
इस लिए जब भी कोई गड़बड़ी नज़र कही भी नज़र आये तो परिवर्तन एक मात्र मंत्र है उसका उपयोग करे 
आईये  एक नज़र संसार पर डाले आज मनुष्य जाती में दो पुरानी बुराईया दिखाई देती है 
एक ताने मरने की याने किसी की भी कमी देख उसको डाटना या कडवे बोल बोलना 
दूसरा आंख दिखाना  याने किसी के प्रति बुरी नज़र या फिर किसी की कामयाबी पर जलना 
पुरुष और महिला दोनों में ये देखा गया है ...." एक संत कहते है पुरुष आंख दिखाना  और महिलाए  ताने मरना 
छोड़ दे तो जीवन और समाज के आधे -संघर्ष  खत्म हो जायेंगे ."
अस्त्र -शास्त्र से अब तक जितने लोग नहीं मरे होंगे उससे भी अधिक लोग ताने और आंख दिखने  से मर चुके है 
अगर हम ऊपर की बातो से सहमत है तो आईये एक छोटा सा परिवर्तन करते है 
बस , अपनी आंख और जुबान को संभाल ले, सब कुछ संभल जायेंगा आंख और जुबान बहुत ही नाजुक है इस लिए इनका उपयोग संभल कर करना है क्यू की सारा गड़बड़ इन्ही से सुरु हुवा है इस लिए अब इन्ही को टिक से चलाना  है तब सब कुछ टिक हो सकता है


Thursday, March 28, 2013

मंदिर और मस्जिद








मंदिर और मस्जिद 
 
एक बार  आवो अपने दिल से बात करते है ....
कोई मंदिर गिर जाए तो बहुत ज्यदा घबराने की जरुरत नहीं है,
कोई मस्जिद टूट जाये तो भी बहुत हल्ला मचाने की जरुरत नहीं है 
मंदिर और मस्जिद तो सैकोड़ो बार बनेगे-टूटेंगे 
लेकिन इंसानियत का मंदिर 
एक बार खंडित हो गया तो फिर किसी में इतना 
दम नहीं है कि उसे दुबारा से खड़ा कर सके 
क्या मिट्टी की ईट, चारित्र के चुना और सत्य के 
सीमेंट से ज्यादा हो सकता है ?
सत्य और चारित्र का क्या महत्व है 
सत्य वन बनो चारित्र वन बनो 
 आज संसार को इस की जरुरत है 
 अगर आप चरित्रवान है तो आपके लिए 
मंदिर मस्जिद से ज्यादा मूल्य इंसानियत का होगा  
आप समझ गए होंगे की हमारे जीवन में
इंसानियत का कितना महत्व है….