फीचर से फ्यूचर बनता है पर इस के लिए वर्तमान को बेहतर समझना होगा वर्तमान को समझने के लिए एकान्त बेहद जरुरी है जितना आप एकान्त का अभ्यास करेंगे उतना ही समझ की मजबूती बढेगी और सोमान में रहना सहज हो जायेंगा जिस से आप सुख ,शांति और ख़ुशी की अनुभूति करेंगे और वाही अनेक आत्माओं का फ्यूचर श्रेष्ठ बना सकता है
RJ Ramesh @RadioMadhuban | Inspiring Stories, Interviews & Ghazal Sessions Explore the inspiring journey of RJ Ramesh, the soulful voice behind Radio Madhuban 90.4 FM. Dive into heart-touching interviews, musical evenings, and stories from shows like 'Baatein Mulakatein' and 'Rubaroo'.
Saturday, April 13, 2013
Friday, April 12, 2013
दिव्य बुद्धि का सही अर्थ
दिव्य बुद्धि का सही अर्थ
दिव्य बुद्धि का सही अर्थ है बुद्धि माना सिंपल भाषा में बात करे तो विचार सुंदर और सकारात्मक विचार
अंग्रेजी में किसी ने कहा है (thoughts can move mountains ) याने शुद्ध और पवित्र विचार, मन और बुद्धि को
दिव्या बनाते है .जिस व्यक्ति को शुद्ध और सकारात्मक विचार करने का तरीका आ गया, तो बस उसकी ही बुद्धि दिव्या बनती है और वाही सिद्धि स्वरूप बनता है एक और तरीका ये भी है मन के अन्दर शुद्ध भाव निर्माण करे जैसे दया, प्रेम ,करुणा ..जिससे आपकी बुद्धि दिव्यता को प्राप्त करेंगी और आप सिद्धि स्वरूप
बन जाएंगे ...ॐ शांति
" हिंदू नव वर्ष " और " चेत्र नवरात्री "
" हिंदू नव वर्ष " और " चेत्र नवरात्री "
११ अप्रैल २०१३ ये दिन वर्ष का सब से सुभ माना गया है आज हिंदू धर्म के अनुसार नया साल है जिसे सभी राज्य में मनाया गया और ख़ुशी की बात ये है की आज नवरात्री की भी सुरवात है और महारास्ट्र में आज गुड्डी पड़ाव के नाम से और अन्द्र प्रदेश में उगादी के नाम से सिंद प्रांत में हिन्दू नव वर्ष अन्य दुसरे राज्य में भी इसी तरह का उत्सव मनाया गया आईये अब आबू रोड की बात करते है ...
नवरात्रि के व्रत का पारण (व्रत खोलना) दशमी में करना अच्छा माना गया है, यदि नवमी की वृद्धि हो तो पहली नवमी को उपवास करने के पश्चात् दूसरे 10वें दिन पारण करने का विधान शास्त्रों में मिलता है। नौ कन्याओं का पूजन कर उन्हें श्रद्धा व सामर्थ्य अनुसार भोजन व दक्षिणा देना अत्यंत शुभ व श्रेष्ठ होता है। इस प्रकार भक्त अपनी कर सकते है ऐसा रमेश अग्रवाल जी ने कहा और जब हम मणीलाल पंडितजी से बात की तो जिस तरह की मेरी सोच थी उस से अलग उनोहों बताया भक्ति आदि जो भी है ये अपने मन को खुश करने की बात है सही बात तो ये है की आप अपने घर में जो माँ या दादी है उनकी अच्छी तरह से सेवा करो और आपकी पत्नी या बेटी है उनका भी दिल से सम्मान करो और उनका धयान रखको येही बड़ी सेवा और भक्ति है और जो बाज़ार या रास्ते में महिला को देखो तो उनको भी उतना ही सम्मान दो जितना आप अपने घर के लोगो को देते हो .......
आबू रोड के बहुत लोगो से मेरी बात हुई सब के दिल में बहुत उमंग और उत्साह था आज एक ख़ुशी उनके चहरे पर थी ऐसा लग रहा था की उनको आज कुछ अनोखी ख़ुशी मिल रही हो जिसका वो शब्दों में वर्णन नहीं कर पा रहे थे पर भाव उनके चहरे से पता चल रहा था .
Thursday, April 11, 2013
इच्छा मात्रम आविध्य का सही अर्थ है
इच्छा मात्रम आविध्य का सही अर्थ है की सुभ भावना और सुभ कामना से भरपूर रहो याने खुदा जिसने इस संसार को बनाया है उसकी मत पर चलते हुवे कुदरत की खूब सुरती को देखो की कुदरत की हर चीज दूसरो के लिए बनी है जिस और भी देखो वह कुछ न कुछ दे ही रहा है ...सागर ना अपना जल पीता है पेड़ ना अपना फल खाते परोउपकार के लिए ही जीवन है ...मुझे लगता है इतना काफी है इच्छा मात्रम आविध्य का स्वरुप बनने के लिए ... ॐ शांति .
Monday, April 8, 2013
सच्चा ज्ञानी
ॐ परामात्मा कहते है सच्चा ज्ञानी वह है
" जो सर्व बन्धन और आकर्षण से मुक्त है "
और वाही मुझे दिल से याद कर सकता है
और जो दिल से याद करता है
उसकी हर मुराद में पूरी करता हु
Sunday, April 7, 2013
चांद के पास जो सितारा हैं
चांद के पास जो सितारा हैं, वो सितारा हसीन लगता हैं
चाँद के पास जो सितारा हैं, वो सितारा हसीन लगता हैं
जब से तुम हो मेरी निगाहों में, हर नज़ारा हसीन लगता हैं
जिंदगी दो दिलों की चाहत हैं, हर खुशी प्यार की अमानत हैं
प्यार के पास जो सहारा हैं, वो सहारा हसीन लगता हैं
रात तनहाईयों की दुश्मन हैं, हर सफ़र हमसफ़र से रोशन हैं
मौज के पास जो किनारा हैं, वो किनारा हसीन लगता हैं
आज की रात हैं मुरादों की, रोशनी हैं नये इरादों की
शमा के पास जो शरारा हैं, वो शरारा हसीन लगता हैं
गीतकार : निदा फाझली
गायक : लता - किशोर
संगीतकार : उषा खन्ना
चित्रपट : स्विकार किया मैने - १९८३
समय अनमोल है
समय अनमोल है
जिंदगी में एक साल का क्या महत्व है ? इस वर्ष फैल हुए विधार्थी से पूछिए . और अगर एक महीने का महत्व
जानना है तो एक माँ से पूछिए जिसने अठ महीने में बच्चे को जन्म दिया है .सात दिन का महत्व जानना है तो किसी साप्ताहिक -पत्र के सम्पादक से मिलिए और एक दिन की बात करे तो दिहाड़ी -मजदूर ही बता सकता है जिसे आज मजदूरी नहीं मिली है और अगर एक घंटे की बात करे तो इस के लिए सिकंदर से पूछिए जिसने आधा राज्य देकर एक घंटे मौत को टालने का आग्रह किया था और एक मिनिट की बात के लिए तो उस भाग्यशाली से पूछिए,जो वर्ल्ड- ट्रेड-सेंटर की इमारत गिराने से टिक एक मिनिट पहले ही बहार सुरक्षित निकला है।अब एक सेकंड तो एक सेकंड का महत्व उस धावक से पूछिए जो इसी एक सेकंड के वजह से स्वर्ण -पदक पाते -पाते रजत -पदक पर रह गया है ...

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