इच्छा मात्रम आविध्य का सही अर्थ है की सुभ भावना और सुभ कामना से भरपूर रहो याने खुदा जिसने इस संसार को बनाया है उसकी मत पर चलते हुवे कुदरत की खूब सुरती को देखो की कुदरत की हर चीज दूसरो के लिए बनी है जिस और भी देखो वह कुछ न कुछ दे ही रहा है ...सागर ना अपना जल पीता है पेड़ ना अपना फल खाते परोउपकार के लिए ही जीवन है ...मुझे लगता है इतना काफी है इच्छा मात्रम आविध्य का स्वरुप बनने के लिए ... ॐ शांति .
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Thursday, April 11, 2013
इच्छा मात्रम आविध्य का सही अर्थ है
इच्छा मात्रम आविध्य का सही अर्थ है की सुभ भावना और सुभ कामना से भरपूर रहो याने खुदा जिसने इस संसार को बनाया है उसकी मत पर चलते हुवे कुदरत की खूब सुरती को देखो की कुदरत की हर चीज दूसरो के लिए बनी है जिस और भी देखो वह कुछ न कुछ दे ही रहा है ...सागर ना अपना जल पीता है पेड़ ना अपना फल खाते परोउपकार के लिए ही जीवन है ...मुझे लगता है इतना काफी है इच्छा मात्रम आविध्य का स्वरुप बनने के लिए ... ॐ शांति .
Monday, April 8, 2013
सच्चा ज्ञानी
ॐ परामात्मा कहते है सच्चा ज्ञानी वह है
" जो सर्व बन्धन और आकर्षण से मुक्त है "
और वाही मुझे दिल से याद कर सकता है
और जो दिल से याद करता है
उसकी हर मुराद में पूरी करता हु
Sunday, April 7, 2013
चांद के पास जो सितारा हैं
चांद के पास जो सितारा हैं, वो सितारा हसीन लगता हैं
चाँद के पास जो सितारा हैं, वो सितारा हसीन लगता हैं
जब से तुम हो मेरी निगाहों में, हर नज़ारा हसीन लगता हैं
जिंदगी दो दिलों की चाहत हैं, हर खुशी प्यार की अमानत हैं
प्यार के पास जो सहारा हैं, वो सहारा हसीन लगता हैं
रात तनहाईयों की दुश्मन हैं, हर सफ़र हमसफ़र से रोशन हैं
मौज के पास जो किनारा हैं, वो किनारा हसीन लगता हैं
आज की रात हैं मुरादों की, रोशनी हैं नये इरादों की
शमा के पास जो शरारा हैं, वो शरारा हसीन लगता हैं
गीतकार : निदा फाझली
गायक : लता - किशोर
संगीतकार : उषा खन्ना
चित्रपट : स्विकार किया मैने - १९८३
समय अनमोल है
समय अनमोल है
जिंदगी में एक साल का क्या महत्व है ? इस वर्ष फैल हुए विधार्थी से पूछिए . और अगर एक महीने का महत्व
जानना है तो एक माँ से पूछिए जिसने अठ महीने में बच्चे को जन्म दिया है .सात दिन का महत्व जानना है तो किसी साप्ताहिक -पत्र के सम्पादक से मिलिए और एक दिन की बात करे तो दिहाड़ी -मजदूर ही बता सकता है जिसे आज मजदूरी नहीं मिली है और अगर एक घंटे की बात करे तो इस के लिए सिकंदर से पूछिए जिसने आधा राज्य देकर एक घंटे मौत को टालने का आग्रह किया था और एक मिनिट की बात के लिए तो उस भाग्यशाली से पूछिए,जो वर्ल्ड- ट्रेड-सेंटर की इमारत गिराने से टिक एक मिनिट पहले ही बहार सुरक्षित निकला है।अब एक सेकंड तो एक सेकंड का महत्व उस धावक से पूछिए जो इसी एक सेकंड के वजह से स्वर्ण -पदक पाते -पाते रजत -पदक पर रह गया है ...

Saturday, April 6, 2013
सदा सुखी भव
सुखी बन ने का राज येही है की सुखमय विचारो में खो जायिए और देखना कैसे सुख दाता आपके
जोली में सुख के फूल बिखेर देते है आपको ऐसा लगेगा जैसे आप सितारों के देश में हो…।
भाई एक बार करके तो देखिये .....
विश्व स्वास्थ्य दिवस
विश्व स्वास्थ्य दिवस
हर साल ७ अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप मनाया जाता है और अनेख संसथान, विद्यालय,मेडिकल यूनिवर्सिटीज अज के दिन विशेष मेडिकल कैंप या स्वास्थ्य सम्मलेन या फ्री मेडिकल चेक अप का आयोजन करते है और हर साल विश्व स्वास्थ्य संसथान के विशेष बात लेकर आती है और उसी अनुसार पुरे साल कार्यक्रम का आयोजन भी करती है विश्व में और इस साल का मुख्य लक्ष है (high blood pressure) उच रक्त चाप को नियंत्रण करना या काबू में रकना है ..
इस विषय पर मेरी बात डॉ अनिल चावला (M.d. Medicine ) से हुवा जो की 35 सालो से मेडिकल फील्ड में अपनी सेवा दे रहे है और वर्तमान समय में माउंट आबू ग्लोबल में अपनी सेवा दे रहे है उन्हों ने कहा की
विश्व स्वास्थ्य संगठन के १९३ सदस्य देश तथा दो संबद्ध सदस्य हैं। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है। इस संस्था की स्थापना ७ अप्रैल १९४८ को की गयी थी। इसी लिए प्रत्येक साल ७ अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रुप में मनाया जाता हैं।भारत भी विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक सदस्य देश है और इसका भारतीय मुख्यालय भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है।
और ७ अप्रैल को ग्लोबल हॉस्पिटल ऑडिटोरियम में शाम ४ बजे उच रक्त चाप नियंत्रण पर व्याक्यान और मुफ्त चेक उप की सुविधा की गयी है जो सब के लिए है और आने वाले समय में पुरे साल अलग अलग क्रायक्रम इस विषय पर करेंगे .
और इस पर उन्हों ने एक रिकॉर्डिंग भी किया कैसे हम उच रक्त चाप को काबू में कर सकते है उस के लिए हमारा डाइट क्या होना चाहिए और किस तरह की एक्सरसाइज होना चाहिए और भी बहुत सरे छोटे छोटे टिप्स उन्हों ने बताया जो आम जन को करने में आसानी हो…. जिस से वो अपना स्वास्थ्य टिक रख सखे .
रेडियो मधुबन के लिए और मुक्य बिंदु को कैप्सूल के रूप में रेडियो पर प्ले करने के लिए अलग से रिकॉर्डिंग किया जो पुरे दिन में हर एक घंटे के बाद बजता रहेगा
जैसे -१) नमक का इस्तेमाल पुरे दिन में ५ से ६ ग्राम हो उस से जादा नहीं हो
२) ३० से ४० मिनिट तक रोजाना सहर करना
३) Take it easy life style ho
४) ध्यान , योग , मैडिटेशन , प्राणायाम रोजाना करे
५) और तनाव से मुक्त रहे
इन से आपका (high blood pressure) कंट्रोल में होगा और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा होगा .और अंत में रेडियो मधुबन को धन्यवाद कहते हुवे कहा की रेडियो के माध्यम से ये सन्देश बहुत लोगो तक जायेगा इसकी बहुत बहुत ख़ुशी है ......
श्री सोनाणा खेतलाजी साइकिल यात्रा
श्री सोनाणा खेतलाजी साइकिल यात्रा -२
कोयम्बतूर ,चैन्नई ,होसुर से बंगलूर होते हुवे सोनाणा खेतलाजी साइकिल यात्रा आज आबू रोड आई है और माउंट आबू के लिए रावण हो चुकी है इसी मध्य हमारी (रेडियो मधुबन ) उन से मुलाकात हुई जब हमने देखा की ६0 से ७0 युवा इस साइकिल यात्रा में है और बड़े आराम से भाजन करते हुवा साइकिल के साथ माउंट आबू चलते हुवे जा रहे है ये है समुह या एकता की शक्ति ..तब हमने उन युवावो से बातचीत की आपको साइकिल चलते समय कोई तकलीफ नहीं होती है पूरा दिन और वो भी १६ से १ ८ दिन हो गए है और आगे भी जाना है तो उन युवा का येही जब था कोई तकलीफ नहीं होती भक्ति की शक्ति है और संग के साथ है
एकता और शांति का सन्देश लिए ये युवा आगे आगे चल रहे थे माउंट आबू के लिए ...
१-दिनेश कोयम्बतूर से साइकिल चलकर आये है और उन्हें कोई तकलीफ नहीं हुवा रास्ते में रात में वे मंदिर में रुखते थे और फिर सुबह आगे के लिए निखलते ...
२ -प्रकाश सूरत से आया है साइकिल पर और उनके साथ और भी १० युवा है जो सूरत से ही आये है साइकिल चलाकर ..
३ -लक्ष्मन जी अमहदाबाद से १८ दिन से ओ साइकिल यात्रा कर रहे है उनको अच्छा लग रहा है रास्ते में कुछ तकलीफ नहीं हुआ सब शांति से चल रहा है
४-सलारामजी आहोर से भक्त जानों को युवावो को उमंग देने आये माउंट आबू .और आगे जब यात्रा का लक्ष के बारे में पुच्छा तो बताया की यात्रा का मुक्य लक्ष येही है की आप किसी भी तरह से आप अपने कुलदेव के पास जाना और शांति और एकता का सन्देश जग में लावो ....२०१२ में हम भी साइकिल यात्रा किया है ये भी बताया
५ .जितुभाई जो मुक्य युवावो के साथ यात्रा की देख रेख करते है उन्हों ने भी अपने अनुभव बताया की खेतलाजी का दर्शन से बहुत सुख मिलता है शांति का अनुभव होता है और मनोकामना पूरा होता है एक शक्ति मिलती है साइकिल यात्रा का लक्ष शांति और एकता और साद भावना को जगाना है .......
आज भी संसर में भक्ति भव लोगो में है आप सोचो चैन्नई से खेतलाजी तक साइकिल यात्रा पूरा एक महिना
तक अपने कुलदेव का दर्शन करने ७० से ७५ युवा और भक्तजन जिसका जैसा समता हो वो अलग से अपने समय अनुसार जुड़ते गये…. और १० अप्रैल २०१३ तक खेतलाजी का दर्शन करना ..इस में टीम वर्क है सहयोग की भावना एक दुसरे राज्य के युवा आपस में मिलेंगे और एक यादगार पल अपने जीवन का बनायेंगे .इस यात्रा को देख मुझे बहुत ख़ुशी हुई और ये समाचार पढ़ कर आपको भी ख़ुशी होगी इसी आशा के साथ को भी बहुत बहुत सुभ कामनाये रेडियो मधुबन की ओर से. धन्यवाद .
आपका
रेडियो मधुबन
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